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नवजात शिशॠका औसतन वजन कितना होना चाहिà¤? इसे जानने में आपकी मदद कर सकता है यह वेट चारà¥à¤Ÿ!
नवजात शिशॠका औसतन वजन कितना होना चाहिà¤? या बढ़ते महीनों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बचà¥à¤šà¥‡ का वजन कितना होना चाहिà¤? यह सवाल अधिकतर पेरेंटà¥à¤¸ के मन में होता है। बचà¥à¤šà¥‡ का वजन सही होना बहà¥à¤¤ जरूरी है, लेकिन औसतन वजन किसे कहते हैं? यह à¤à¥€ à¤à¤• बड़ा सवाल है। हम आपको बता दें कि औसतन वजन, बचà¥à¤šà¥‡ की उमà¥à¤° और लिंग के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° तय किया जाता है। लेकिन बचà¥à¤šà¥‡ का वजन कम होने का यह बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ मतलब नहीं है कि आपके बचà¥à¤šà¥‡ का शरीरिक विकास ठीक नहीं। वजन को सीधे तौर पर खराब शारीरिक विकास से नहीं जोड़ सकते हैं। जानिठयहां नवजात शिशॠका औसतन वजन (Average Newborn Baby Weight) और बढ़ते उमà¥à¤° के अनसार वेट चारà¥à¤Ÿ के बारे में।
नवजात शिशॠका औसतन वजन कितना होना चाहिठ(What is the average weight of a newborn baby)?
नवजात शिशॠका औसतन वजन कितना होना चाहिà¤, यह वजन मापने के आधार को समà¤à¤¨à¤¾ पड़ेगा। कई पेरेंटà¥à¤¸ अपने बचà¥à¤šà¥‡ के वजन को लेकर परेशान रहते हैं, सà¤à¥€ पेरेंटà¥à¤¸ चाहते हैं कि उनके बचà¥à¤šà¥‡ का वजन औसत हो। वजन अचà¥à¤›à¥‡ पोषण और शारीरिक विकास का à¤à¤• संकेत है। इसलिठहर महीने शिशà¥à¤“ं के औसत वजन के बारे में जानना मददगार हो सकता है। सबसे पहले, धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने योगà¥à¤¯ बात यह है कि औसत वजन “सामानà¥à¤¯â€ वजन नहीं होता है। वयसà¥à¤•ों की तरह, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन उनकी हाइà¥à¤Ÿ और उमà¥à¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° सही माना जाता है। यदि किसी बचà¥à¤šà¥‡ का वजन कम परà¥à¤¸à¥‡à¤‚टाइल में है, तो यह जरूरी नहीं कि उस बचà¥à¤šà¥‡ के शारीरिक विकास में किसी समसà¥à¤¯à¤¾ हो रही है। तो à¤à¤¸à¥‡ में बचà¥à¤šà¥‡ की बढ़ती उमà¥à¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उसके वेट चारà¥à¤Ÿ का उपयोग कर के बचà¥à¤šà¥‡ का औसत वजन और उसके विकास को सामानà¥à¤¯ रूप से टà¥à¤°à¥ˆà¤• किया जा सकता है।रोग नियंतà¥à¤°à¤£ और रोकथाम केंदà¥à¤° (सीडीसी) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ 2 वरà¥à¤· तक के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठविशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन (डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“) के वजन चारà¥à¤Ÿ का उपयोग करने की सलाह देते हैं।
नवजात शिशॠका औसतन वजन (Average weight of newborn)
डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, बचà¥à¤šà¤¾à¥‡à¤‚ में लड़के का औसत बरà¥à¤¥ वेट 7 पाउंड (à¤à¤²à¤¬à¥€) 6 औंस (ओज) या 3.3 किलोगà¥à¤°à¤¾à¤® (किलो) के लगà¤à¤— माना जाता है। वहीं जनà¥à¤® ली à¤à¤• लड़की का औसतन बरà¥à¤¥ वेट 7 पौंड 2 औंस या 3.2 किलोगà¥à¤°à¤¾à¤® है। 37-40 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में जनà¥à¤® लेने वाले बचà¥à¤šà¥‡ का औसत वजन 5 पौंड 8 औंस से 8 पौंड 13 औंस तक होता है। यह 2.5 से 4 किलो है। पà¥à¤°à¤¸à¤µ के समय, विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का मानना है कि जनà¥à¤® के समय कम वजन 5 पौंड 8 औंस या 2.5 किलोगà¥à¤°à¤¾à¤® से कम होना चाहिà¤à¥¤ जनà¥à¤® के तà¥à¤°à¤‚त बाद शिशà¥à¤“ं का अपना लगà¤à¤— 10% वजन कम होना आम बात है। आमतौर पर इसमें कोई चिंता की बात नहीं है। अधिकांश शिशà¥à¤“ं का वजन 1 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के à¤à¥€à¤¤à¤° वापस बढ़ जाता है।
नवजात शिशॠका औसतन वजन : उमà¥à¤° के हिसाब से बचà¥à¤šà¥‡ का वेट चारà¥à¤Ÿ (Average weight of newborn)
नवजात शिशॠका औसतन वजन जानना चाहते है, तो यहां इस चारà¥à¤Ÿ को समà¤à¥‡à¤‚। वेट चारà¥à¤Ÿ पेरेंटà¥à¤¸ को बचà¥à¤šà¥‡ का वजन टà¥à¤°à¥‡à¤• करने में मदद कर सकता है कि उसके बचà¥à¤šà¥‡ का वजन किस पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤à¤• में आता है। उदाहरण के लिà¤, यदि उनका वजन 60वें परà¥à¤¸à¥‡à¤‚टाइल में है, तो इसका मतलब है कि समान उमà¥à¤° और लिंग के 40% शिशà¥à¤“ं का वजन अधिक होता है, और इनमें से 60% शिशà¥à¤“ं का वजन कम होता है। इसका मतलब यह नहीं है कि किसी à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ का वजन बहà¥à¤¤ अधिक या बहà¥à¤¤ कम होता है। यह केवल यह संकेत कर सकता है कि à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ का वजन à¤à¤• सà¥à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤® पर कहां निधारà¥à¤°à¤¿à¤¤ है। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें बचà¥à¤šà¥‡ के इस वेट चारà¥à¤Ÿ की तरफ:
जनà¥à¤® के समय नवजात शिशॠका औसतन वजन 3.3 किलोगà¥à¤°à¤¾à¤® के लगà¤à¤—।
1 महीने के लड़के का वजन 4.2 किगà¥à¤°à¤¾ और लड़की का वजन 4.5 किगà¥à¤°à¤¾à¥¤
2 महीने महीने के लड़के का वजन 5.1 किगà¥à¤°à¤¾ और लड़की का वजन 5.6 किगà¥à¤°à¤¾à¥¤
3 महीने के लड़के का वजन 5.8 किगà¥à¤°à¤¾ और लड़की का वजन 6.4 किगà¥à¤°à¤¾à¥¤
4 महीने के लड़के का वजन 6.4 किगà¥à¤°à¤¾ और और लड़की का वजन 7.0 किगà¥à¤°à¤¾à¥¤
5 महीने के लड़के का वजन 6.9 किगà¥à¤°à¤¾ और लड़की का वजन 7.5 किगà¥à¤°à¤¾à¥¤
6 महीने के लड़के का वजन 7.3 किगà¥à¤°à¤¾ और लड़की का वजन 7.9 किगà¥à¤°à¤¾à¥¤
7 महीने के लड़के का वजन 7.6 किगà¥à¤°à¤¾ और लड़की का वजन 8.3 किगà¥à¤°à¤¾à¥¤
8 महीने के लड़के का वजन 7.9 किगà¥à¤°à¤¾ और लड़की का वजन 8.6 किगà¥à¤°à¤¾à¥¤
9 महीने के लड़के का वजन 8.2 किगà¥à¤°à¤¾ और लड़की का वजन 8.9 किगà¥à¤°à¤¾à¥¤
10 महीने के लड़के का वजन 8.5 किगà¥à¤°à¤¾ और लड़की का वजन 9.2 किगà¥à¤°à¤¾à¥¤
11 महीने के लड़के का वजन 8.7 किगà¥à¤°à¤¾ और लड़की का वजन 9.4 किगà¥à¤°à¤¾à¥¤
12 महीने के लड़के का वजन 8.9 किगà¥à¤°à¤¾ और लड़की का वजन 9.6 किगà¥à¤°à¤¾à¥¤
नवजात शिशॠका औसतन वजन को लेकर कà¥à¤¯à¤¾ उमà¥à¤®à¥€à¤¦ करें (What to expect about the average weight of a newborn)
जनà¥à¤® के बाद के पहले 6 महीनों में बचà¥à¤šà¥‡ सबसे तेजी से बढ़ते हैं और उनका वजन à¤à¥€ बढ़ता है। हालांकि यह अलग-अलग हो सकता है, पहले 4-6 महीनों में शिशà¥à¤“ं का वजन पà¥à¤°à¤¤à¤¿ सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ लगà¤à¤— 113-200 गà¥à¤°à¤¾à¤® के लगà¤à¤— बढ़ जाता है। उसके बाद वजन बढ़ना थोड़ा धीमा हो जाती है।जब बचà¥à¤šà¤¾ 6-18 महीने का होता है, तब उसका वजन बढ़ना थोड़ा धीमा हो जाता है , तो पà¥à¤°à¤¤à¤¿ सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ औसतन 85-140 गà¥à¤°à¤¾à¤® के लगà¤à¤—र की वृदà¥à¤§à¤¿ होती है। औसतन, बचà¥à¤šà¥‡ अपने पहले जनà¥à¤®à¤¦à¤¿à¤¨ तक उसका वजन जनà¥à¤® के वजन से तीन गà¥à¤¨à¤¾ तक हो जाता है। हालांकि, कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन लगातार बढ़ता जाता है और कई महीनों तक उसी परà¥à¤¸à¥‡à¤‚टाइल या उसके करीब रहते हैं।
नवजात शिशॠका औसतन वजन को कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है (What affects the average weight of a newborn)?
यह महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि शारीरिक विकास के à¤à¤•मातà¥à¤° संकेतक के रूप में वजन पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ न दिया जाà¤à¥¤ अनà¥à¤¯ मापों की तरफ à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि बचà¥à¤šà¥‡ की लंबाई और उमà¥à¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° वजन कितना सही है। इस बात की तरफ à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि आपके बचà¥à¤šà¥‡ के उमà¥à¤° के लिंग वाले दूसरे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का कितना वजन है। इसके अलावा, बचà¥à¤šà¥‡ के वजन को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने वाले कारकों में शामिल हैं:
लिंग (Gender)
नर नवजात शिशॠमादा नवजात शिशà¥à¤“ं से बड़े होते हैं, और वे आमतौर पर शैशवावसà¥à¤¥à¤¾ के दौरान थोड़ा तेजी से वजन बढ़ाते हैं।
पोषण (Nutrition)
वजन बढ़ना और वृदà¥à¤§à¤¿ दर इस बात पर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° कर सकती है कि बचà¥à¤šà¤¾ मां का दूध पीता है या फारà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤•।अमेरिकन à¤à¤•ेडमी ऑफ पीडियाटà¥à¤°à¤¿à¤•à¥à¤¸ ने नोट किया है कि पहले 6 महीनों के दौरान सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन, फारà¥à¤®à¥‚ला से पीड़ित बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में तेजी से बढ़ता है।हालांकि, यह दर 6 महीनों के दौरान बदल सकती है। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशà¥à¤“ं का वजन 6 महीने से 1 वरà¥à¤· की आयॠके होने पर फारà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• लेने वाले शिशà¥à¤“ं की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में अधिक धीरे-धीरे बढ़ सकता है।
नवजात शिशॠका औसतन वजन के बारे में आपने जाना यहां। कई सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के कारण बचà¥à¤šà¥‡ का वजन अधिक धीरे-धीरे बढ़ सकता है, उदाहरण के लिà¤, जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ हृदय संबंधी अनियमितताओं वाले बचà¥à¤šà¥‡ इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के बिना शिशà¥à¤“ं की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में धीमी गति से वजन बढ़ सकता है।सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚, जो पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ के अवशोषण या पाचन को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती हैं, जैसे कि सीलिà¤à¤• रोग, à¤à¥€ धीमी गति से वजन बढ़ने का कारण बन सकता है। नवजात शिशॠका औसतन वजन के बारे में अधिक जानकारी के लिठडाॅकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
सोते हà¥à¤ शिशॠको डकार दिलाने में होती हैं परेशान? ये सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤œà¥€ कर सकती हैं मà¥à¤¶à¥à¤•िल आसान
कà¥à¤› शिशà¥à¤“ं को दूसरों बेबीज की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में अधिक गैस बनती है। à¤à¤¸à¥‡ में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ डकार दिलाना जरूरी हो जाता है। वे बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡ करते वकà¥à¤¤ या बॉटल से दूध पीते समय à¤à¤¯à¤° को à¤à¥€ अंदर ले लेते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में डकार अंदर गई à¤à¤¯à¤° को बाहर निकालने में मदद करती है। कई बार बेबी दूध पीते हà¥à¤ ही सो जाते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में पेरेंटà¥à¤¸ को सोते हà¥à¤ शिशॠको डकार दिलाना (Burping a Sleeping Baby) मà¥à¤¶à¥à¤•िल लगता है।
इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल में हम इस मà¥à¤¶à¥à¤•िल को हल करने के तरीके बता रहे हैं। à¤à¤• बात का हमेशा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि अगर शिशॠसो गया है, तो उसे गोद में लेकर कंधे पर सहारा देने के कà¥à¤› मिनट के बाद डकार दिलाने की कोशिश करें नहीं तो वह उसके पेट में दरà¥à¤¦ और गैस की समसà¥à¤¯à¤¾ के साथ जाग सकता है। बता दें कि शिशॠबड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤•ों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में अधिक डकार लेते हैं।
सोते हà¥à¤ शिशॠको डकार दिलाना (Burping a Sleeping Baby)
अगर बचà¥à¤šà¤¾ दूध पीते हà¥à¤ सो गया है तो डकार के बिना वह असहज हो सकता है और जलà¥à¤¦à¥€ जाग सकता है या दूध को उलà¥à¤Ÿ à¤à¥€ सकता है। यहां हम कà¥à¤› तरीके बता रहे हैं जिनकी मदद से सोते हà¥à¤ शिशॠको डकार दिलाना (Burping a Sleeping Baby) आसान काम बन जाà¤à¤—ा।
कंधे के ऊपर
सोते हà¥à¤ शिशॠको डकार दिलाना (Burping a Sleeping Baby) इस पॉजिशन में आसान हो सकता है। यह à¤à¤• आसान पॉजिशन है। जिससे बचà¥à¤šà¥‡ को डकार à¤à¥€ आ जाती है और वह जागता à¤à¥€ नहीं है। शिशॠको कंधे के ऊपर सहारा दें और उसके निचले à¤à¤¾à¤— को होलà¥à¤¡ करके रखें। उसकी पीठपर हाथ फेरें या थपकी दें। मां के कंधे का पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° उसकी टमी को गैस को रिलीज करने के लिठपà¥à¤¶ करता है।
गोद में लिटाà¤à¤‚
शिशॠको गोद में लिटाà¤à¤‚। अगर महिला चेयर पर बैठी है तो अपने पैरों को आपस में जोड़कर शिशॠको पेट के बल अपने घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ पर लेटा लें। अब उसकी पीठपर धीरे-धीरे थपकी दें ताकि डकार आ सके। इस पॉजिशन में बेबी की नींद à¤à¥€ डिसà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¬ नहीं होगी। सोते हà¥à¤ शिशॠको डकार दिलाना (Burping a Sleeping Baby) इस पॉजिशन की मदद से à¤à¥€ आसान हो सकता है।
शिशॠको दें हाथों का सहारा
सोते हà¥à¤ शिशॠको डकार दिलाना (Burping a Sleeping Baby) है, तो यह पॉजिशन à¤à¥€ टà¥à¤°à¤¾à¤¯ की जा सकती है। फीडिंग के बाद शिशॠकी पॉजिशन को बदलें और धीरे-धीरे उस बांह की कलाई पर इस पà¥à¤°à¤•ार लेकर आठकि उसकी टमी कलाई पर रहे और उसके सिर को कोहनी से सपोरà¥à¤Ÿ मिलता रहे। उसके पैर आपके हाथ पर रह सकते हैं। यह पॉजिशन शिशॠकी बेली पर पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° डालती है। इस दौरान आप उसके पीठपर हलà¥à¤•े हाथ से थपकी à¤à¥€ दे सकते हैं जब तक कि उसे डकार नहीं आ जाती। इस पॉजिशन को पेरेंटà¥à¤¸ बैठे या खड़े हà¥à¤ टà¥à¤°à¤¾à¤¯ कर सकते हैं।
सोते हà¥à¤ शिशॠको डकार दिलाना (Burping a Sleeping Baby) चाहते हैं तो उसे लोअर चेसà¥à¤Ÿ पर होलà¥à¤¡ करें
इसके लिठआपको सोते हà¥à¤ शिशॠको थोड़ा से लिफà¥à¤Ÿ करके चेसà¥à¤Ÿ पर होलà¥à¤¡ करके रखना है। यदि आप सोफे पर हैं तो यह सबसे आरामदायक हो सकता है। इस पॉजिशन में बेबी अपने पैरों को थोड़ा सिकोड़ लेते हैं जिससे गैस को बाहर निकलने के लिठदवाब बनता है। आप हाथों से उसके सिर को सहारा दे सकते हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ बचà¥à¤šà¥‡ को मिडनाइट में दूध पिलाने के बाद à¤à¥€ डकार दिलाना (Burping) जरूरी है?
इसका जवाब है हां। अगर आप बचà¥à¤šà¥‡ को लेट नाइट फीडिंग à¤à¥€ करा रही हैं तो उसे डाकर दिलाना जरूरी है। किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की फीडिंग गैस कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿ कर सकती है जिससे बेबी दूध को उलà¥à¤Ÿ कर सकता है। इसलिठइस गैस का निकलना जरूरी है। बोटल से फीड कराने पर बीच में बà¥à¤°à¥‡à¤• देने पर शिशॠको डकार दिलाई जा सकती है या बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ को सà¥à¤µà¤¿à¤š करते वकà¥à¤¤ à¤à¥€à¥¤ à¤à¤• पॉजिशन से रिजलà¥à¤Ÿ नहीं मिलता है तो दूसरी टà¥à¤°à¤¾à¤¯ करें, लेकिन पांच मिनट से अधिक समय तक à¤à¤¸à¤¾ ना करें।
शिशॠको डकार आने में कितना समय लगता है? (How long does burping take?)
शिशॠको डकार आने में à¤à¤• या दो मिनट का समय लगता है। कई बार शिशॠको कंधे पर उठाते ही डकार आ जाती है तो कà¤à¥€ इसके लिठमेहनत करना पड़ सकती है। इसके अलावा सोते हà¥à¤ शिशॠको डकार दिलाना (Burping a Sleeping Baby) तब आसान हो सकता है जब बेबी को फीड करते हà¥à¤ नहीं पालने में सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ की आदत डालें।
जब आप बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग या बॉटल फीडिंग कराते हà¥à¤ ये नोटिस करते हैं कि बेबी को नींद आने लगी है, तो फीडिंग बंद कर दें और उसे डकार दिलाने की कोशिश करें इसके बाद उसे सोने के लिठबेड या पालने में लिटा दें। जैसे-जैसे आप इस सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ को अपनाà¤à¤‚गे आपके लिठसोते हà¥à¤ शिशॠको डकार दिलाना आसान हो जाà¤à¤—ा।
सोते हà¥à¤ शिशॠको डकार दिलाना
अगर बेबी को डकार ना आà¤à¤‚ तो? (What happens if a sleeping baby doesn’t burp?)
अगर सोते हà¥à¤ शिशॠको डकार दिलाना (Burping a Sleeping Baby) मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो रहा है और उसे डकार नहीं आ रही है तो परेशान होने की बात नहीं है। वह पूरी तरह ठीक रहेगा और गैस को किसी दूसरे तरीक से पास करेगा। कà¥à¤› शिशॠबाद में पालने में सà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿ करते हैं या वे रोते हà¥à¤ उठजाते हैं और फिर इसके बाद उनको डकार आती है।
à¤à¤• बचà¥à¤šà¤¾ जो अचà¥à¤›à¥€ तरह से डकार नहीं लेता है, लेकिन गैस से बहà¥à¤¤ परेशान होता है, उसे सà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿ से रोकने में मदद करने के लिठउसके दूध पिलाने के बाद 15 मिनट या उससे अधिक समय तक सहारा देर खड़ा किया जा सकता है। यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ अंततः उसे डकार लेने में मदद कर सकती है।
ये à¤à¥€ जान लें
कà¥à¤› शिशॠउतनी हवा नहीं निगलते, जितनी दूसरे शिशॠजब वे बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡ करते हैं या बोतल से दूध पीते हैं, और इसलिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बार-बार डकार लेने की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती है। यदि आपका बचà¥à¤šà¤¾ दूध पिलाने के बाद गैस से परेशान नहीं है तो यह आपके लिठअचà¥à¤›à¥€ खबर है। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि पीठथपथपाने का यह चरण समय-सीमित होता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि लगà¤à¤— 6 महीने (हालांकि यह अलग-अलग हो सकता है) तक अधिकांश बचà¥à¤šà¥‡ जब बैठना शà¥à¤°à¥‚ करते हैं तो थूकना बंद हो जाता है।
केवल कà¥à¤› गैस के बà¥à¤²à¤¬à¥à¤²à¥‡ को पास करने के लिठà¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ को नींद से जगाना कठिन है, लेकिन à¤à¤• सोते हà¥à¤ बचà¥à¤šà¥‡ को डकार दिलाना उसकी नींद को अधिक आरामदायक बना सकता है, जिसका अरà¥à¤¥ है कि वह बेहतर ढंग से सो सकता है। थोड़े से अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ और बचà¥à¤šà¥‡ को डकार दिलाने की कà¥à¤› तरकीबें आजमाने से, यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ जलà¥à¤¦ ही आसान लगने लगेगी।
शिशà¥à¤“ं में गैस बनने को कारण (Causes of gassiness in babies)
कà¥à¤› लोगों का मानना है कि बोतल से दूध पीने वाले शिशà¥à¤“ं को गैस होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है, लेकिन इसका पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ नहीं है।
बोतल से बचà¥à¤šà¥‡ अधिक हवा के संपरà¥à¤• में आ सकते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे दूध निगलते हैं और इससे बचà¥à¤šà¥‡ को अधिक दूध पिलाना आसान हो सकता है।
लेकिन हर बचà¥à¤šà¤¾ अलग होता है और यहां तक कि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¥€ बहà¥à¤¤ गैसी हो सकते हैं – कà¤à¥€-कà¤à¥€ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे अपनी मां के आहार में à¤à¥‹à¤œà¤¨ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ संवेदनशील होते हैं।
हालांकि यह असामानà¥à¤¯ है, सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली मां को यह पता लगाने से पहले बहà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करना पड़ सकता है कि उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपने बचà¥à¤šà¥‡ के पेट की ख़राबी का कारण बनने वाला कौन सा पदारà¥à¤¥ खाया है।
यह बताने के लिठकोई ठोस शोध नहीं है कि वासà¥à¤¤à¤µ में बचà¥à¤šà¥‡ की अतिरिकà¥à¤¤ गैस का कà¥à¤¯à¤¾ कारण है। साथ ही, गैस से पीड़ित कई बचà¥à¤šà¥‡ इससे परेशान नहीं होते हैं।
उमà¥à¤®à¥€à¤¦ करते हैं कि आपको सोते हà¥à¤ शिशॠको डकार दिलाना (Burping a Sleeping Baby) और इससे संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिठà¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अनà¥à¤¯ कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबà¥à¤• पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सà¤à¥€ सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉकà¥à¤¸ में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिठआप ये आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल जरूर शेयर करें।
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